bewafa shayari | Hindi shayari SMS | dard bhari bewafa shayari

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आज जहि भरकर हम पर हंस लो बेरहम,
फिर तुझे मिलने वाले हैं मेरे ग़म सभी,
तेरी बेवफाई का चर्चा चारों दिशाओं में है,
मुझे दिए जख्मों का हिसाब चुकाना है कभी न कभी....


दास्ताँ सुन लो जरा हमे ज़िंदगी,
बेवफ़ा समझ बैठे तुम्हे दिलगी,
गैरो की बाहों में मचलती हो तुम,
बेहद मेहसूस होती है हमें शर्मिंदगी....


चाँद उतरा था हमारे आँगन में,
ये सितारों को गवारा न हुआ,
हम भी सितारों से कैसे गिला करे,
जब चाँद ही हमारा ना हुआ....


नफरत थी हमसे तो प्यार क्यों किया,
देना था जहर तो इकरार क्यों किया,
दे के जहर अब कहते हो कि पीना ही होगा,
और जब पी गये तो कहते हो जीना ही होगा....

सजा हमे ये कैसी मिली दिल लगाने की,
रो रहे मगर तमन्ना थी मुस्कुराने की..
अपना दर्द किसे दिखाऊ ए दोस्त,
दर्द भी उसने दिया जो वजह थी मुस्कुराने की....


वो चली गयी दूर तो क्या करे,
वो मिट गयी सब निशान तो क्या करे..
याद आती है अब भी उनकी हमे हद से ज्यादा,
वो याद न करे तो क्या करे....


कितनी आसानी से वो ठुकरा गए मुझे,
आंसू बना के आँख से टपका गए मुझे
कैसा है ये प्यार, कैसा ये फरेब था,
मंज़िल देख के जो राह में छोड़ गए मुझे....


जीते थे कवी हम भी शान से,
महक उठी थी फ़िज़ा किसी के नाम से..
पर गुज़रे हैं हम कुछ ऐसे मुकाम से की,
नफरत हो गयी हैं मोहब्बत के नाम से....


तड़प क देख किसी की चाहत में.
तो पता चले इंतज़ार क्या होता है..
युही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे ,
तो कैसे पता चले प्यार क्या होता है....

बिना बताये उसने न जाने क्यों ये दूरी करदी,
भिछाड के उसने मोहब्बत ही अधूरी करदी,
मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाइश तो पूरी करदी....


यह इश्क़ वाले वफ़ा की कीमत क्या जाने,
बेवफा है यह ग़म-इ-मोहब्बत क्या जाने
मिलता हो जिन्हे हर मोड़ पे नया हमसफ़र,
वह सच्चे प्यार की कीमत क्या जाने....


वह तो अपने दर्द रो-रो के सुनते रहे,
हमारी तन्हाईओं से आँख चुराते रहे..
और हमें बेवफ़ा का नाम मिला, क्यूंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे....


बेवफा है दुनिया किसी का ऐतबार न करो,
हर पल लोग यहाँ देते हैं धोखा किसी से प्यार न करो,
मिट जाओ तनहा जी कर,
पर किसी के साथ का इंतज़ार न करो....

महफ़िल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलान न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है की प्यार में कुछ नै मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है....

दिल तोड़ दिया तो चिटा भी जला देना,
कफ़न न मिले तो दुपट्टा उड़ा देना..
अगर कोई पूछे रोग क्या था,
तो नज़रें झुका के मोहब्बत बता देना....

रोए तो बहुत तेरी बेवफाई के बाद,
तेरी याद ना गई तेरे जाने के बाद..
तुम हमेशा खुश रहना,
बस मेरे साथ किया यह एक वादा निभाना....

दुआ मांगी थी इक आशियाने की आंधियां चल पड़ी ज़माने की,
मेरे ग़म को कोई समझ न सका क्योंकि मुझे आदत थी मुस्कुराने की....


मंज़िल क्या है, रास्ता क्या है,
हौसला अगर हो तो फ़ासला क्या है..
वो तो सज़ा देके दूर जा बैठए,
अब किससे पूछूं मेरी खता क्या है....

चाले जायेंगे एक दिन हम तुझे तेरे हाल पे छोड़ कर े सितमगर..
कदार क्या होती है तुझे वक़्त सिखा देगा....