hindi shayari for dosti

♠♠हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए;

गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए;

मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी;

हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।♠♠

♠♠लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी.

पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया..♠♠

 

♠♠युं तो गलत नही होते अंदाज चहेरों के..

लेकिन लोग, वैसे भी नहीं होते जैसे नजर आते है..♠♠

 

♥♥एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया,

जितना खाया था नमक मेरा, मेरे जख्मों पर लगा दिया.♥♥

 

♣♣नींद भी नीलाम हो जाती है बाज़ार -ए- इश्क में,

किसी को भूल कर सो जाना, आसान नहीं होता !♣♣

 

♥♥टूट जायेंगी उसकी “ज़िद” की आदत उस वक़्त…

जब मिलेगी ख़बर उनको की याद करने वाला अब याद बन गया है…♥♥

 

♥♥दिल ही दिल में कुछ छुपाती है वो,

यादों में आ कर चैन चुराती है वो,

ख्वाबों में एक ऐहसास जगा रखा है,

बन्द आँखों में अश्क बन के तडपाती है वो..♥♥

 

♥♥बदनाम क्यों करते हो तुम इश्क़ को ,

ए दुनिया वालो…मेहबूब तुम्हारा बेवफा है ,

तो इश्क़ का क्या कसूर..!! ♥♥

 

♥♥है दफ़न मुझमे कितनी रौनके मत पूछ ऐ दोस्त…..

हर बार उजड़ के भी बस्ता रहा वो शहर हूँ मैं!!♥♥

 

♥♥जानते हो महोब्बत किसे कहते हैं ? किसी को सोचना,

फिर मुस्कुराना और फिर आसू बहाते हुए सो जाना.♥♥

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

thank you, for support