इश्क़ करते हो जिनको उसको आज़ाद करदो,

इश्क़ को तोलने का तरज़ू नही हे,

इश्क़ का मारा आशिक़ खिछा चला आएगा,

अगर नही आया तो समजना के वो किसी और का हे. 

 

इश्क़ ऐसा करो की धड़कन मे बस जाए,

साँस भी लो तो खुश्बू उसी की आए,

प्यार का नशा आँखों पे छा जाए,

बात कुछ भी ना हो पर नाम उसी का आए .  

 

इश्क़ की वो मेरी इंतेहा पूछते हे,

दिल मे जो ये प्यार हे,वो जगह पूछते हे,

अपने आप से भी ज़्यादा चाहते हे हम उनको,

पर ये इश्क़ की भी वो वजह पूछते हे. 

 

मत ज़िक्र करो अपने अदा के बारे मे,

हम भी बहोत जानते हे वफ़ा के बारे मे,

हमने सुना हे उन्हे भी इश्क़ का नशा छाया हे,

जो नही जानते कुछ भी वफ़ा के बारे मे. 

 

जिसे तुम इश्क़ करो वो मोहब्बत जो तुम्हे इश्क़ करे उस का क्या..? 

  जिसके लिए तुम रोए वो मोहब्बत जो तुम्हारे लिए रोए उसका क्या..?

जिसके लिए तुम तड़पे वो मोहब्बत जो तुम्हारे लिए तड़पा उसका क्या..?   

जिसे तुमने प्यार किया वो तुमको मिले और जिस को तुम ना मिले उसका क्या..? 

 

जज़्बात-ए-इश्क़ सब को बताया नही जाता,

लग जाता है दिल लगाया नही जाता..

जन्नत की बात हो या हो गुलिस्ताँ के रंग,

दिल में लगी आग को बुझाया नही जाता …! 

 

इश्क़ ने हमे बेनाम कर दिया,

हर खुशी से हमे अंजान कर दिया,

हमने तो कभी नही चाहा के हमे भी मोहब्बत हो,

लेकिन आप की एक नज़र ने हमे नीलाम कर दिया  .

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

thank you, for support