नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा-सी जाती हो,इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं,जबाँ ख़ामोश है लेकिन निग़ाहें बात करती हैं,अदाएँ लाख भी रोको अदाएँ बात करती हैं,नज़र नीची किए दाँतों में दुपट्टे को दबाती हो,इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं.

romantic hindi shyari1

आग सूरज मैँ होती हैँ जलना जमीन को पडता हैँ,मोहब्बत निगाहेँ करती हैँ तडपना दिल को पडता हैँ.

तेरी ख़ामोशी हमारी कमजोरी हैं,कह नहीं पाना हमारी मज़बूरी हैं,क्यों नहीं समझते हमारी खामोशियो को,खामोशियो को जुबा देना बहुत जरुरी हैं.

ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है,तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है,लेकिन तुजे नहीं किसी और को पानेके लिये.

ख्वाइस तो यही है कि तेरे बाँहों में पनाह मिल जाये,शमा खामोस हो जाये और शाम ढल जाये,प्यार इतना करे कि इतिहास बन जाये,और तुम्हारी बाँहों से हटने से पहले शाम हो जाये.

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